फोन करके धमकाने वाले 78
फोन पर समझाने वाले 37
फोन पर पुचकारने वाले 12
फोन पर बधाई और शाबासी देने वाले 169
__________वाह रे हिन्दी ब्लोगिंग !
स्तनों का जोड़ा 1
देखने वाले 10,000 से भी ज़्यादा
ब्लॉग पर स्तन दिखाने वाली महिला
नग्नता का विरोध करने वाला पुरूष
____उस पुरूष का विरोध करने वाले भी पुरूष ?
____वाह रे हिन्दी ब्लोगिंग !
स्तन दिखाऊ ब्लॉग ने टेम्पलेट बदल डाला
एग्रीग्रेटर ने तल्ख़ पोस्ट का शीर्षक बदल डाला
भाड़े के नापसन्दियों ने उत्साह उत्साह में
अलबेला खत्री के बजाय
रस्किन के वचन पर नापसंद का चटका लगा डाला
_____वाह रे हिन्दी ब्लोगिंग !
सारा ज़ोर,
सब तरह का ज़ोर
सभी विरोधियों का ज़ोर लगा कर भी नापसंद हैं कुल चार
जब कि भद्र और सुसंस्कृत नारी - लेखिकाएं हैं कई हज़ार
इसका अर्थ
जब मैंने लगाया तो समझ में ये आया
उनकी अपनी मण्डली में फूट है
सभी के मन में नफ़रत अखूट है
कहने को रिश्ता दिखता अटूट है
पर मुझे भी मिल रही खुली छूट है
समझ नहीं पा रहे अब भी अक्ल के अन्धे
कि मेरे इरादे नितान्त साफ़ हैं, नहीं हैं गन्दे
वरना चार नहीं,
अब तक चार सौ चटके लग चुके होते,
क्योंकि चालीस से ज़्यादा तो नारी के सदस्य ही हैं भाई !
इसके बावजूद फोन पर फोन किये जा रहे हैं
अलबेला खत्री पर एक नापसंद का चटका लगादे ना भाई !
लगाने वालों का भीषण टोटा है
अब बाप ही निर्णय करें
कौन खरा है और कौन खोटा है
____वाह रे हिन्दी ब्लोगिंग !
तू भी कमाल है, कमाल है, कमाल है !
बस एक पसन्द के चटके का सवाल है..............
@@@@@@@ कुछ समझ नहीं आया हो तो पाठकगण
कृपया यह लिंक देख लें ...सब समझ में आ जाएगा -
http://albelakhari.blogspot.com/2010/06/blog-post_9018.html#comments
जय हिंगलाज !
जय हिन्द !
-अलबेला खत्री



