Showing posts with label अलबेला खत्री की प्रसिद्द पैरोडियाँ. Show all posts
Showing posts with label अलबेला खत्री की प्रसिद्द पैरोडियाँ. Show all posts

Thursday, November 12, 2009

तेरी मेहरबानी से मनमोहन हैं मालामाल, एक तू ही बलवान है भाभी बाकी सब कंकाल


तर्ज़ : चाँदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बाल
गायक : पंकज उधास


शौहर जैसा ढंग है
तेरा, सासू जैसी चाल

एक तू ही बलवान है भाभी,बाकी सब कंकाल



जिस रस्ते से तू गुज़रे वो वोटों से भर जाए

तेरी मेहनत कांग्रेस-इ के सोते भाग जगाये

तू जिस लीडर को छूले वो ही पीएम बन जाए

तेरी मेहरबानी से ही तो ..........

तेरी मेहरबानी से मनमोहन हैं मालामाल

एक तू ही बलवान है भाभी बाकी सब कंकाल



शरद-मुलायम-ममता-अमरसिंह सब हैं तेरे दूत

राहुल और प्रियंका हैं दो
बांहें तेरी मजबूत

आहें भर भर देखें तुझको एन डी
ए के भूत

तुझे नज़र न लगे किसी की ......

तुझे नज़र न लगे किसी की पूरे पाँच साल

एक तू ही बलवान है भाभी बाकी सब कंकाल



Wednesday, November 4, 2009

इलेक्शन देवी के मन्दिर में गुण्डे मुरादें पाते हैं, जेलों में जिनको सड़ना हो वो भी सांसद बन जाते हैं

तर्ज़ : चलो बुलावा आया है ..............

फ़िल्म : अवतार

माता जिनको याद करे, वो लोग निराले
होते हैं

माता जिनका नाम पुकारे, कांग्रेस वाले होते हैं

चलो बुलावा आया है

माता ने बुलाया है

चलो बुलावा आया है

माता ने बुलाया है

ओ .........................

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है

हो ....दसवें जनपथ पे सोनिया माँ ने दरबार लगाया है

चलो .......


सारे जग में एक ठिकाना गाँधी टोपी वालों का -२

रस्ता देख रही है माता अपने बालगोपालों का -२

हो ....पीसीसी के हर ऑफिस में ये सन्देसा आया है

चलो .......



इलेक्शन देवी के मन्दिर में गुण्डे मुरादें पाते हैं

जेलों में जिनको सड़ना हो वो भी सांसद बन जाते हैं

सत्ता के मछ्लीमारों ने फ़िर से जाल बिछाया है

चलो ........

____________________बोलो सोनिया माता की जय ======================

Wednesday, October 28, 2009

हम सिगरेट के आदी हैं , हर दम सुलगाई रहती है


तर्ज़ : होंटों पे सचाई रहती है

फ़िल्म : जिस देश में गंगा बहती है

होंटों से लगायी रहती है ,ऊँगली में दबाई रहती है

हम सिगरेट के आदी हैं

हम सिगरेट के आदी हैं , हर दम सुलगाई रहती है



सुट्टा जो हमारा होता है

वो देखन वारा होता है

जब छोड़ते हैं हम बाहर तो

धुंए का गुब्बारा होता है ,धुंए का गुब्बारा होता है

दाँतों पे हमेशा पीलापन

आँखों में ललाई रहती है

हम सिगरेट ..................................................................



कुछ लोग जो ज़्यादा ठांसते हैं

वो जब देखो तब खांसते हैं

पग कांपते हैं, हाथ कांपते हैं

साँस लेते हुए भी हाँफते हैं , साँस लेते हुए भी हाँफते हैं

सीने में दमे की बीमारी

हाथों में दवाई रहती है

हम सिगरेट ...................................................................



सस्ती का भी स्वाद लिया हमने

मंहगी को भी अपनाया हमने

तन फूँक तमाशा देखा है

क्या इसके सिवा पाया हमने, क्या इसके सिवा पाया हमने

साँसों में ऐसी दुर्गन्ध कि

दूर दूर लुगाई रहती है

हम सिगरेट ......................................................................


__>>>>>>तम्बाकू विरोधी दिवस <<<<<<<<<__

Labels

Followers

Powered By Blogger

Blog Archive