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Sunday, July 18, 2010

सिर्फ़ दिखलाने के लिए - और एकदम उपयोगिता रहित




यश
वह है जो लोग-लुगाई हमारे विषय में सोचते हैं ,

चरित्र वह है जो ईश्वर और देवता हमारे विषय में जानते हैं


-पेन



बिना चरित्र के ज्ञान शीशे की आँख की तरह है -

सिर्फ़ दिखलाने के लिए - और एकदम उपयोगिता रहित


-स्विनोक





Monday, July 12, 2010

लोजी लग गई वाट अपनी तो.............


मैंने कहा तन्हाई सही नहीं जाती

ये ज़ालिम जुदाई सही नहीं जाती

याद में तेरी

नींद उड़ती है, चैन खोता है

जान जाती है, दिल रोता है

कुछ समझ नहीं आता

पता नहीं क्या क्या होता है


वो बोली भैया जल्दी से डाक्टर को दिखादे

बर्ड फ्लू ऐसा ही होता है


______लोजी लग गई वाट अपनी तो.............


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