देखो जी प्यारे स्वजनों ! न तो मैंने ढोल बजाया और न ही आतिशबाज़ी
की है लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मेरा मन ख़ुश नहीं । भला कौन
ब्लोगर ख़ुश नहीं होता अपनी 1000 वीं पोस्ट पर ?
मैं भी हूँ और बहुत ख़ुश हूँ आज । अब आपको बधाई देनी है तो दो,
नहीं देनी तो मत दो । मैं कोई अन्ना हज़ारे या बाबा रामदेव की भान्ति
अनशन तो कर नहीं सकता आपकी टिप्पणियों के लिए . अरे ये तो
हास्यकवि अलबेला खत्री का ब्लॉग है, कोई BMW यानी बहन
मायावती
का जन्मदिन थोड़े ही है जो मर्ज़ी न मर्ज़ी माला पहनानी ही पड़े ।
हज़ारवीं पोस्ट यहाँ लगी है ...मेरे मुख्य ब्लॉग पर
http://albelakhari.blogspot.com/2011/06/blog-post_30.html
सूचना देना मेरा काम था सो मैंने कर दिया । अब जो दे, उसका भी भला
और जो न दे उसका भी { भला मैं क्या बिगाड़ लूँगा } हा हा हा हा हा
वैसे कहना मत किसी से........इस ब्लॉग पर 1000 पोस्ट तो कभी की
हो जातीं अगर मेरे बहुत सारे ब्लॉग न होते...हो हो हो हो हो
