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Tuesday, March 12, 2013

शौर्य और पराक्रम के प्रतीक पुरूष, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी से एक लम्बी भेंट



प्यारे मित्रो नमस्कार

गाँधी नगर में मेरा कल का दिन बहुत ऊर्जा  और प्रफुल्लता भरा रहा .  


अहमदाबाद  के बंधुवर  राजकुमार भक्कड़ के सौजन्य से  अनेकानेक  

दिग्गज  हस्तियों से  मुलाकात का सिलसिला  दिन भर चला . विशेषकर 

ऊर्जा, शौर्य  और पराक्रम के प्रतीक पुरूष, गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र

 भाई मोदी से एक लम्बी भेंट हुई तथा उन पर रचित एक लम्बी कविता 

उन्हीं के कार्यालय में सुनाने व भेंट करने का अवसर मिला .


मोदीजी ने बड़े आनंद से पूरी रचना का श्रवण करने के बाद जो टिप्पणी की 


वो उनकी आत्मिक विनम्रता की सुगंध थी ...........उनकी  शुभ कामनाओं  

की महक  मुझे बहुत दिनों  तक  आह्लादित रखेगी

जय हिन्द ! 




Saturday, July 17, 2010

तो मैं तुझे मनुष्य नहीं, ज़ालिम राक्षस समझता हूँ




ज़ोरदार वह है जो न दबे, न ही दूसरों को दबने दे

बल्कि जो दबाया जा रहा हो उसे सहारा भी दे ।

यदि मैं तुझसे इसलिए दबता हूँ कि तू ज़ोरदार है,

मुझे नुक्सान पहुंचा सकता है तो मैं तुझे मनुष्य नहीं,

ज़ालिम राक्षस समझता हूँ

और मेरे इस प्रकार सर झुकाने से तू राज़ी होता है

तो तेरे बराबर कोई मूर्ख नहीं ।


- हरिभाऊ उपाध्याय




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