कहाँ गये वे ढोंगी लोग !
कहाँ गये वे शिखण्डी लोग ?
और कहाँ गये वो गन्दी गन्दी गालियों से मेरा
dahboard मैला करने वाले
तथाकथित भद्र लोग
जो ज़बरदस्ती के ठेकेदार बने फिरते हैं ...............हैं ? क्या कहा ?
समय नहीं मिला ?
पता नहीं चला ?
ऐसी फ़ालतू बात के लिए वक्त नहीं ?
देश बचाने के लिए विचार मांगे तो सांप सूंघ गया क्या ?
अरे आओ !
अलबेला खत्री आपको दावत देता है -
१५००० हिदी ब्लोगर्स में क्या सिर्फ़ ८-१० लोग ही हैं जिनके पास
देश को बचाने की सोच है,
बाकी क्या केवल तमाशा देखने आते हैं ?
वाह रे वाह !
काम जब हम को पड़ा तो लीडर नहीं मिले
देश पर जब कुछ लिखा तो रीडर नहीं मिले
जय हो !

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मेरे मुख्य ब्लॉग albelakhatri.com पर लगातार भद्दी गालियाँ,
गन्दे शब्दों भरी टुच्ची बातें, नंगे नंगे शब्द इस्तेमाल करके टिप्पणियां
करने वाले बेनामी बन्धुओं को ये मालूम होना चाहिए कि शब्द ब्रह्म
है ........शब्द बहुत बड़ी ऊर्जा का स्रोत है और शब्द कभी व्यर्थ नहीं
होता, उसका अर्थ असर करता ही है......लिहाज़ा वे बाज़ आयें और
शब्दों का प्रयोग ज़रा सोच समझ कर करें वरना कुदरत उन्हें ऐसा दण्ड
देगी कि आपके पास रोने के अलावा कोई काम नहीं रहेगा ।
मैं तो कुछ नहीं करूँगा ......क्योंकि मैं तो ऐसे खुजली वाले कुत्तों की
परवाह ही नहीं करता जो जगह जगह टांग उठाके खम्बे गीले करते
रहते हैं , परन्तु माँ शारदा और उसकी व्यवस्था में कहीं कोई छूट
नहीं है मर्यादा के उलंघन की........
अपनी नहीं तो अपने परिवार की चिन्ता करें और इस आग से ना
खेलें..........मुझसे बात करना है तो मर्द बन कर सामने आइये या
महिला बन कर अपना नाम बताइये - बेनामी की तरह व्यवहार
करने वाले ज़िन्दगी भर बेनामी रहने की सज़ा भोगते हैं ।
शुभकामना सहित,
-अलबेला खत्री