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Tuesday, March 19, 2013

कर्मभूमि गुजरात को एक विनम्र प्रणाम है वीडियो एल्बम हमारा गुजरात

श्रीगंगानगर राजस्थान में जन्मे 

हास्यकवि अलबेला खत्री का 

अपनी कर्मभूमि  गुजरात को  एक विनम्र प्रणाम है  

वीडियो एल्बम हमारा गुजरात 



Thursday, March 14, 2013

मसीहा मानवता का - the real hero of society आपके आदेश पर एक बार फिर


प्रिय पाठकों व मित्रों  के आदेश  पर गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री 

नरेन्द्र मोदी  पर रचित कविता : मसीहा  मानवता का - the real hero 

of society  एक बार फिर प्रकाशित कर रहा हूँ . 



Saturday, February 16, 2013

जूतियों से न मरे तो मारो पत्थरों से किन्तु फांसी वाला फंदा बदनाम मत कीजिये


फांसी वाले फंदे सिर्फ़ मानवों को शोभते हैं,

दानवों को देकर हराम मत कीजिये



रो पड़ेंगी रूहें राजगुरू संग भगत की,


सुखदेव सिसके वो काम मत कीजिये



दामिनी के हत्यारों को मारो जूतियों से आप,


जब तक न मरें आराम मत कीजिये



जूतियों से न मरे तो मारो पत्थरों से किन्तु


फांसी वाला फंदा बदनाम मत कीजिये



जय हिन्द !


-अलबेला खत्री

Sunday, July 18, 2010

उन्हीं को अधिक बोलने की लत होती है



जो लोग अपने मन की बात को 

थोड़े से चुने हुए शब्दों में कहना नहीं जानते,  

वास्तव में  उन्हीं को  अधिक बोलने की लत होती है 


-तिरुवल्लुवर 



संक्षिप्तता, खुशगोई की जान है 


-शेक्सपीयर 


 

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