Sunday, May 16, 2010

कहिये क्या विचार है डॉ रूपचंद्र शास्री मयंक जी ? कितने देने वाले हैं आप इस पोस्ट के अंक जी ?




श्रद्धेय
डॉ रूपचंद्र शास्त्री जी !

नमस्कार


मुझे एक आईडिया रहा है और बहुत ज़ोर से रहा है

इस
लिए रोक नहीं पा रहा हूँ , तुरन्त अभिव्यक्त कर रहा हूँ कि

क्यों
हम एक खेल खेलें..............


आप भी रोज़ रोज़ नया काव्य सृजन करते हैं और मुझे भी भ्रम है

कि
मैं किसी भी विधा में तुरन्त कविता अथवा प्रतिकविता कर

सकता
हूँ इसलिए यदि ऐसा हो कि आप जो कविता पोस्ट करते

हैं
मैं उसी मीटर में उसकी पैरोडी बनाऊं या उसी को अपने अन्दाज़

में
आगे बढ़ाऊं तो मुझे लगता है पाठकों को खूब मज़ा आएगा



चूँकि आप गम्भीरता और ज़िम्मेदारी से लिखते हैं और मैं उसी

रचना
को हास्य व्यंग्य के तेवर में प्रस्तुत करूँगा इसलिए हम

दोनों
जब स्पर्धा और मजेदार स्पर्धा करेंगे तो अन्य भी जागेंगे,

जुड़ेंगे
अपने जौहर दिखायेंगे पसन्द करेंगे, टिपियायेंगे और

अपन
दोनों खूब trp पायेंगे .



जब सारा माहौल ख़ुशनुमा होजायेगा तो इन दिनों हिन्दी ब्लोगिंग

में
नाच रहा वैमनस्य का भूत अपने आप भाग जाएगा



कहिये क्या विचार है डॉ रूपचंद्र शास्री मयंक जी ?

कितने
देने वाले हैं आप इस पोस्ट के अंक जी ?



पाठकों एवं मित्रों की प्रतिक्रिया सादर आमंत्रित है.........
























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Saturday, May 15, 2010

सुहागरात को ही वाट लग गई दुल्हे राजा की ..........





कहते हैं जोड़ियाँ स्वर्ग में बनती हैं,

बनती होंगी भाई...हमें क्या ?

लेकिन स्वर्ग में बनी जोड़ियाँ भी

तब तब फेल हो जाती हैं

जब जोड़ी बेमेल हो जाती है



अभी कल की ही बात है

मैं आपको बताता हूँ

एक दृश्य दिखाता हूँ


मेरे घर के एक मच्छर चिरंजीव चना ने

पडौस की एक मक्खी आयुष्मती रचना से

प्यार प्यार में कर ली शादी बाकायदा

लेकिन मच्छर को इसमें क्या फायदा ?

सुहागरात को ही सारी खुशियाँ खो गई

दूल्हा चना अमूल दूध पी कर आया तब तक

दुल्हन रचना ओडोमॉस लगा कर सो गई...........



सभी को अक्षय तृतीया की बधाई

- अलबेला खत्री




Friday, May 14, 2010

ये कोई पद्मश्री नहीं है कि गए और ले आये इसके लिए तो खपना पड़ता है




बाप रे बाप !

बड़ा मुश्किल काम है

ये कोई पद्मश्री नहीं है कि गए और ले आये

इसके लिए तो खपना पड़ता है

खपाना पड़ता है खुद को........


महिलायें तो कर लेती हैं

लेकिन

पुरुषों के लिए

आसान नहीं है भाई !


पहले हाथ में लो

फिर सीधा करो

फिर मुँह में लो

फिर थूक लगा कर गीला करो

फिर भीतर प्रवेश कराओ..........


तौबा तौबा !

कितना मुश्किल है सुई में धागा डालना .............

आज डाला तो पता चला.........





उदय जी !

निलेश जी !

सैंगर जी !

राज जी !

कागद जी !

मिश्रा जी !

दिलीप जी !

____________
बुरा मानें............


जब ब्लोगिंग में चारों तरफ बड़ा कौन ? बड़ा कौन ? का झमेला चल रहा हो तो मैंने महसूस किया कि एक द्विअर्थी टोटका लगा ही दिया जाये ताकि घटिया कौन ? घटिया कौन ? का भी माहौल बने...

ये ब्लोगिंग क्या सिर्फ महान लोगों की बपौती है ? क्या हम जैसे घटिया लोगों का कोई हक़ नहीं है इस पर ?

मुझे भरोसा है कि अगर मेरा दाव सीधा पड़ा तो कम से कम 20 नापसन्द मिलेंगी इस पोस्ट को ....फिर अपने को कौन बनेगा घटिया ब्लोगर का प्रथम पुरूस्कार मिलने से तो कोई रोक ही नहीं सकता ...

मेरा नाम भले ही खराब हो, पर थोड़ी देर के लिए बड़ा कौन बड़ा कौन से तो ध्यान हटा ही दूंगा

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Thursday, May 13, 2010

नंगलाल को लू लग गई




रंगलाल के बेटे नंगलाल को लू लग गई

और लू के चलते दस्तें लग गईं........

डाक्टर - बोलो........क्या तकलीफ है ?

रंगलाल - जी मेरे बेटे को दस्तें लग रही हैं पतली पतली.......

डाक्टर - पतली ...कितनी पतली ?

रंगलाल - पतली पतली जी.............

डाक्टर - हाँ हाँ लेकिन कितनी पतली ?

इतनी पतली डाक्टर साहेब कि आप चाहें तो उन से

कुल्ले कर सकते हैं


अब की बार नंगलाल ने जवाब दिया



Thursday, May 6, 2010

क्यों कैसी रही पाबला जी ? जवाब ठीक है न ?





मैं एक दिन सुबह सुबह

सर पर तोता बैठा कर जा रहा था कि रास्ते में

बी एस पाबला जी ने पूछ लिया


-
ये कौन सा जानवर है भाई ?

तोता बोला - आदमी है साला................हा हा हा हा

















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Wednesday, May 5, 2010

नंगलाल अब पैदल ही कॉलेज जाता है .....




रंगलाल
का बेटा नंगलाल

हमेशा गधे पर बैठ कर कॉलेज जाता था

3 साल बाद अब पैदल जाने लगा है

जानते हो क्यों ?

क्योंकि

गधे ने ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है .........हा हा हा हा हा















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Wednesday, April 7, 2010

मुम्बई, राउरकेला, कोलकाता, लखनऊ और जयपुर के ब्लोगर्स से मिलने का संयोग बन सकता है




एक
बार फिर काव्य- यात्रा पर निकल रहा हूँ

शायद फिर कुछ ब्लोगर मित्रों से मुलाक़ात हो जाये


इस बार का टूर इस प्रकार है :

08 से 09 एप्रिल - मुम्बई

10 एप्रिल - राउरकेला

11 एप्रिल - सुबह कोलकाता

11 एप्रिल - शाम को लखनऊ

12 एप्रिल - लखनऊ

13 से 26 एप्रिल तक जयपुर

मेरा मोबाइल नंबर है :

094083
29393 / 092287 56902



















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