Sunday, December 20, 2009

नंगलाल जब अपनी कक्षा में प्रथम आया ......




रंगलाल का बेटा नंगलाल

जब अपनी कक्षा में प्रथम आया

तो प्रिन्सीपल ने

उसे शाबासी देने के लिए अपने पास बुलाया

और कहा- बेटे प्रतिज्ञा करो

कि अगली बार भी कक्षा में तुम्हीं प्रथम आओगे

नंगलाल बोला - गुरूजी आप भी प्रतिज्ञा करो

कि अगली बार भी परीक्षा पत्र

मेरे पिताजी की प्रेस में ही छपवाओगे



Saturday, December 19, 2009

रंगलाल का सकारात्मक नज़रिया .........



रंगलाल का बेटा नंगलाल रोता हुआ आया ।

"क्या हुआ बेटा ? क्या हुआ ? रो क्यों रहा है ? " बाप ने पूछा ।

" राजू ने मुझे गाली दी........." बेटा बोला ।

"तो रोता क्यों है पगले ? कुछ दिया ही है ना, लिया तो नहीं कुछ ! "

बाप ने मुस्कुरा कर कहा ।

Thursday, December 17, 2009

नंगलाल आज बड़ा खुश था




रंगलाल का बेटा नंगलाल आज बड़ा खुश था । स्कूल में उसे आज

दो मैडल मिले थे, एक सिल्वर एक गोल्डन । घर आया तो बाप

वे मैडल देख कर से झूम उठा ।


रंगलाल - बेटा नंगलाल शाबास ! कमाल कर दिया, एक ही दिन में

दो दो मैडल ! अच्छा बताओ, सिल्वर मैडल काहे के लिए मिला ?


नंगलाल - गाना गाने के लिए..............

रंगलाल - और गोल्डन ?


नंगलाल - भविष्य में कभी गाना नहीं गाने के लिए....हा हा हा हा

ये सुन कर रंगलाल भी रोने लगा..........




रंगलाल का बेटा नंगलाल रो रहा थाबुक्का फाड़ फाड़ कर

रो रहा थाबाप ने रोने का कारण पूछा तो उसने कहा- मैं

जब भी बाहर जाने लगता हूँ तो मम्मी मना कर देती है कि

अभी छोटा है, बाहर मत जा, अभी छोटा है बाहर मत जा ...

मैं इतना बड़ा कब होऊंगा जब मम्मी से पूछे बिना बाहर जा

सकूँगा ?



ये सुन कर रंगलाल भी रोने लगाबोला - बेटा ! इत्ता बड़ा तो

अभी मैं भी नहीं हुआ हूँ .................हा हा हा हा




# enjoy albela khatri as a neta
TONIGHT - 17 DEC.at 10 P.M.
ON STAR ONE
in laughter ke phatke



Wednesday, December 16, 2009

बाथरूम के बारह सीन है...........



रंगलाल - बेटा ! तू जो फ़िल्म देखने जा रहा है,

क्या वह साफ़-सुथरी है क्लीन है ?

नंगलाल
- हाँ पापा ! बेहतरीन है

इस
में इंटरवेल के पहले ही बाथरूम के बारह सीन है





# LAUGHTER KE PHATKE

WITH
HASYA KAVI ALBELA KHATRI &

VOICE
OF INDIA AABHAAS


- 17 DEC. 10.00 P.M. ON STAR ONE



Tuesday, December 15, 2009

कन्या की माँ को ही मांग लूँगा..........



रंगलाल का बेटा नंगलाल

जब जवान हुआ और शादी के लिए

कन्या देखने अपने भावी ससुराल जा रहा था तो

बाप ने उसे समझाने की कोशिश की.................


रंगलाल - बेटा , लड़की देखने जा रहा है, ध्यान रखना...

वहाँ लेन-देन की बात भी होगी.....कोई बड़ी चीज ही मांगना,

तो कहीं जा के ठीक ठाक मिलेगीजैसे तुझे मारुती कार चाहिए

तो हेलिकौप्टर मांगना...तब कहीं कार मिलेगी, अगर कार मांगेगा

तो स्कूटर ही मिलेगा ,,,समझा ?


नंगलाल - समझ गया पापा ! ससुराल जा के कन्या की माँ को ही

मांग लूँगा, तब कहीं जा के कन्या मिलेगी..............हा हा हा हा



Monday, December 14, 2009

आजकल तो दिन में भी आजाते हैं खून पीने.....



रंगलाल का बेटा नंगलाल आज मच्छरों से परेशान था


नंगलाल - पापा....पहले तो मच्छर सिर्फ़ रात को काटते थे लेकिन

आजकल तो दिन में भी आजाते हैं खून पीने.........ऐसा क्यों ?


रंगलाल - क्या बताएं बेटा ! महंगाई इतनी बढ़ गई है कि तेरे बाप की

तरह सभी को ओवर टाइम करना पड़ता है.........



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