ताऊ रामपुरियाजी आज बड़े अच्छे मूड में थे । हल्की हल्की बारिश का आनन्द उन्हें और भी सुकून दे रहा था । सहसा अपनी मूंछों पर बट चढाते हुए उन्होंने ताईजी से कहा - देख भाग्यवान ...इतना काम करके ख़ुद को थकाया मत कर ....मेरै कन्नै बहोत पिसे सें... तू हुकम कर, नौकरां की कतार लगा दयूंगा ...
ताईजी - नहीं जी नहीं, नौकर की कोई ज़रूरत कोन्या मन्नै तो आप मिल गए, सब मिल गया ............हा हा हा हा हा हा