दबे पाँव
चुपके से
और वो करके चला जाएगा जो उसे आता है ...........
इसलिए मैंने आज जब ये पोस्ट लगाई -
http://albelakhari.blogspot.com/2010/06/1.html
तो चौकन्ना हो कर बैठा था...........
सारी तकनीकी सुविधाओं के साथ उसे पकड़ने के लिए....
मगर हाय रे !
मैं उसे पकड़ भी नहीं सकता ........
क्योंकि वो भी बेचारा कठपुतली है
मैं जान गया हूँ औकात उसकी.......
जा बेटा ! क्षमा किया .........
जा कहदे तेरे आकाओं से कि अलबेला खत्री ने चुनौती दी है
देखता हूँ
http://albelakhari.blogspot.com/2010/06/1.html
इस लिंक पर आने के बाद
लोग मेरा साथ देते हैं या तेरे आका का ।
जय हिन्दी !
जय हिन्द !!

www.albelakhatri.com
