Showing posts with label वीर. Show all posts
Showing posts with label वीर. Show all posts

Friday, June 18, 2010

देश तुम्हें पुकार रहा है देश की बेटी !






झांसे वाली रानियों के राज में

झाँसी वाली रानी को सादर श्रद्धांजलि देते हुए

मेरा कवि मन थोड़ा सा खिन्न है

क्योंकि आज स्थिति भिन्न है

इसके बावजूद

तम का पहरा है

ये दर्द गहरा है

___________काश !

तुम एक बार फिर आती............

तो शायद बात बन जाती

देश तुम्हें पुकार रहा है देश की बेटी !

तुम्हारी जय हो ---


http://albelakhari.blogspot.com/2010/06/blog-post_9158.html







Labels

Followers

Powered By Blogger

Blog Archive