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Sunday, July 21, 2013

अलबेला खत्री को राखी सावंत कहने वाला ये सतीश सक्सेना कौन है भाई ?


 संयोग से आज ये पढने में आ गया जिसे पढ़ कर  बड़ी दया  आई उन मरदूदों पर  जो सामने से दोस्त बन कर आते हैं  और पीठ पीछे घोस्ट की तरह चलते हैं . ये क्या अनर्गल प्रलाप किया है  मैं पूरी  तरह नहीं  समझा हूँ इसलिए  मैं  चाहता हूँ कि  वो सतीश सक्सेना साहब  ज़रा ये बताने का कष्ट करें कि  जब अलबेला खत्री आपको जानता तक नहीं, तो आपके बारे में क्यों कुछ भी बोलेगा .........ज़बरदस्ती  चर्चा में आने के लिए  मेरा नाम क्यों  घसीट रहे हो प्यारे ?

दिखाओ मुझे वो पोस्ट, जिसमे आपका नाम  मैंने लिया .........रही बात मेरे राखी सावंत होने की  तो पता नहीं आपने मेरा ऐसा कौन सा अंग देख लिया जो उसके जैसा है क्योंकि मेरी रचना तो कमाल की रचना है भाई . इस रचना में ऐसा कोई खोट नहीं .........ऐसी रचना  के साथ आनंद करना चाहिए ..बहस नहीं


http://satish-saxena.blogspot.in/2010/11/blog-post_26.html


Friday, November 26, 2010

तिलयार लेक के इस लेख को "शरीफ ब्लागर" न पढ़ें -सतीश सक्सेना

खुशदीप भाई फोन करके बताया कि अलबेला खत्री ने, अपनी पोस्ट में तिलयार लेक पर, रात्रि भोज और पैग शैग के बाद लिखा कि "सतीश सोने चले गए " ! इस पोस्ट से महसूस होता है कि आप रात  में वहाँ मौजूद थे, जबकि आप उस दिन हमारे साथ थे  ! इसपर क्या स्पष्टीकरण दोगे  ??


ब्लॉगजगत का राखी सावंत कहलाये जा रहे इस मजाकिया कैरेक्टर के लिखे हुए शब्दों में, दोधारी धार तो होती ही है ! अपने द्विअर्थी शब्दों से दादा कोंडके को पीछे छोड़ता यह "कलाकार " वाकई धुरंधर है और आजके रोते पीटते समय और लोगों के बीच, अगर मुझे वाकई जमीन पर बैठ, उस दिन डिनर का मौका मिला होता तो मैं अपने आपको घाटे में नहीं मानता !


इस स्पेशल कैरेक्टर को जानते हुए , मैंने इस पर खुद शिकायत करने से परहेज किया ! खुद शिकायत करने के बदले में अलबेला का जो जवाब मिलता उसका मुझे अंदाजा था कि


"सतीश जी, उस पार्टी में किचन के रसोइये का नाम भी सतीश था  ....हा...हा...हा...हा...." 






Friday, July 5, 2013

सपने में देखा मैंने सपनों का हिन्दुस्तान




आज मुझे सपने में आया सपना एक महान

सपने में देखा मैंने  सपनों का हिन्दुस्तान


क्या नर-नारी,क्या किन्नर,क्या बूढ़े और जवान

चेहरों पर थी चमक सभी के, अधरों पर मुस्कान

मैंने देखा  पुलिसकर्मियों में  विनम्र स्वभाव

मैंने देखा सस्ते होगये  फल-सब्ज़ी   के भाव

मैंने देखा रेलों में  कोई धक्कम-पेल नहीं है

मैंने देखा किसी शहर में  कोई जेल नहीं है

भ्रष्टाचारी लोग कर चुके  ख़ुद ही आत्म-समर्पण


स्विस बैंकों से ला-ला कर धन किया देश को अर्पण

सोने के सिक्के चलते और  चलें चांदी के नोट

युवकों ने चड्डी उतार  कर, पहन लिए लंगोट

व्यसन और फ़ैशन से दूरी रखना मान लिया है

काला बाज़ारी नहीं करेंगे, सबने ठान लिया है


नहीं मिलावट मिली कहीं पर, शुद्ध है सब सामान

सपने में देखा मैंने  सपनों का हिन्दुस्तान 



सिर्फ़ एक टी वी चैनल और सिर्फ़ एक अखबार

क्रिकेट मैच भी हो पता है साल में बस इक बार 


क्षण-क्षण  का उपयोग हो रहा मानवता के हित में

अय्याशी और अनाचार अब नहीं किसी के चित में

काव्य-मंचों पर  मौलिक कविताओं का युग आया है

साहित्य और संस्कृति का परचम घर-घर फहराया है

मल्लिकाओं ने साड़ी पहनने का ऐलान किया है


अमिताभ बच्चन ने ख़ुद को बूढ़ा मान लिया है

पेप्सी-कोक की जगह दूध के विज्ञापन दिखते हैं

सलीम-जावेद फिर से जोड़ी बन, फ़िल्में लिखते हैं

अब रोज़ाना लड़ते नहीं हैं शाहरुख और सलमान

सपने में देखा मैंने सपनों का हिन्दुस्तान



भ्रूणहत्याएं बन्द हो गईं, दहेज़ प्रथा भी  बन्द

शोषण से हुई मुक्त नारियां, करती हैं  आनन्द

आतंकवादी  रक्तदान को  लाइन में खड़े हुए हैं

चोरों ने चोरी छोड़ी, घर खुल्ले  पड़े हुए हैं

मदिरा-गुटखा कम्पनियों पर लटक रहे हैं ताले

नदियाँ  तो नदियाँ, शहरों में साफ़ हो गये नाले

चौबीस घंटे  चालू रहता  फैक्ट्रियों में काम

रंगदारी और लूटपाट का होगया काम तमाम


दुनिया भर ने फिर से माना भारत को उस्ताद

चारों तरफ़ ख़ुशियाँ  ही ख़ुशियाँ, नहीं कहीं अवसाद

घुटनों के बल खड़ा हमारे  आगे पाकिस्तान

सपने में देखा मैंने सपनों का हिन्दुस्तान

जय हिन्द
-अलबेला खत्री 



Wednesday, July 3, 2013

कुछ लोग कह रहे हैं कि कांग्रेसियों के कीड़े पड़ेंगे लेकिन अलबेला खत्री कहता है नहीं पड़ेंगे



जो लोग कांग्रेसियों को कीड़े पड़ने की बात करते हैं  वे किसी भरम में न रहें .


 कांग्रेसियों को कीड़े  पड़ने का  श्राप मत दीजिये . क्योंकि  मैं जानता  हूँ कि  

नहीं पड़ेंगे . बिलकुल नहीं पड़ेंगे . किसी भी प्रजाति का एक भी कीड़ा किसी 

भी कांग्रेसी के किसी भी अंग में नहीं पड़ेगा .   भरोसा न हो तो एक बार स्वयं 

कीड़ों  से ही पूछ कर देख लो . वो  मना  कर देंगे . आखिर उनका भी कोई 

स्टैण्डर्ड है ! 


कीड़े जानते हैं  कि अगर वे कांग्रेसियों को पड़े तो उनके  भी कीड़े पड़ेंगे .


जय हिन्द ! 





Tuesday, June 25, 2013

नोट : इस रचना का आनंद केवल नेता लोग ही ले सकते हैं



चार चोर मिल कर एक जगह चोरी कर सकते हैं


चार डाकू मिल कर एक जगह डाका डाल सकते हैं


चार ठग मिल कर एक आदमी को ठग सकते हैं


चार झूठे मिल कर एक झूठ का प्रचार कर सकते हैं 




चार गिद्ध मिल कर एक लाश  को चबा सकते हैं


चार कुत्ते  मिल कर एक रोटी को खा  सकते हैं


चार गधे मिल कर एक  खेत को चर सकते हैं


चार मेंढक मिल कर रात भर शोर कर सकते हैं 




चार गुण्डे  मिल कर एक साथ  बलात्कार कर सकते हैं 


चार दलाल मिल कर बाज़ार में अन्धकार कर सकते हैं


चार  भड़वे मिल कर वासना  का कारोबार कर सकते हैं


चार सटोरिये मिल कर  खेलों में व्यभिचार कर सकते हैं



__तो फिर चार खादी वाले मिल कर देश नहीं चला सकते ?  


जबकि उन में इनके सारे गुण, अवगुण और तत्व मौजूद है .


ज़रा सोचिये : 


क्या सारे कांग्रेसी चोर हैं  और क्या सारे भाजपाई  शरीफ हैं ?  नहीं, नहीं, नहीं ! 


तो फिर  झगडा किस बात का  यारो,  अगर देशहित में राजनीति करने का दावा 

करते हो तो इस देश के लिए सभी दल मिल कर एक क्यों नहीं हो जाते ?


चोरी-चोरी, चुपके-चुपके व अलग-अलग  खाने की क्या मज़बूरी है भाई,  ये देश 


हमारा अपना  है .इसे मिल कर खाओ, एक साथ खाओ और दूसरे को खिला  

खिला कर खाओ ताकि  कहीं कोई विरोध होने का डर ही न रहे


जय हिन्द ! 



Saturday, June 8, 2013

waah waah kya baat hai me albela khatri ka dhamaal aaj raat 10 baje


pyare dosto !
aaj raat ko 10 baje SAB TV par aane wale waah waah kya baat hai program ki shooting me bahut maza aaya tha .........geeton ke raja shri kishan saroj ji ke alava manch ke maharathi surendra yadvendra aur padm albela ne khoob saman bandhaa tha . mujhe to aisi masti chadhi thi ki gaate gaate main jhoomne laga tha aur mere saath saath sabhi log bhi naach uthe the ..........haalaanki main nahin jaanta ki maine jo sunaya tha us me se kitna aur kya dikhaya jaayega ? fir bhi aap se prarthna karta hoon ki apne is naacheez dost ko dekhna zaroor aur dekhne ke baad apna real comment bhi dena ....ho sakta hai aapko maza aaye, ho sakta hai aapko pasand hi na aaye..........lekin jaisi bhi aapki pratikriya hogi, main uska poorna vinamrata se swagat karunga .......to fir aaj raat ko 10 baje....okay ?
thank you
JAI HIND !



प्यारे मित्रो ! 

लीजिये एक बार फिर आप से रूबरू  होने का  अवसर आया है .

 कोलाहल के राज में कविता भले ही आज हाशिये पर चली गयी है 

फिर भी कविता के नाम पर  जो कुछ अच्छा हो रहा है उसमें  एक 

काम  सब टीवी पर वाह वाह क्या बात है  कार्यक्रम भी है . इस 

चर्चित प्रोग्राम में  एक बार फिर मैं आ रहा हूँ  अपनी कुछ नवीनतम  

हास्य रचनाओं के साथ ...........देखना  न भूलें ......


तो फिर आज रात दस बजे ...........

जय हिन्द ! 
-अलबेला खत्री 







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