Monday, November 9, 2009

हल नहीं मिलता तो क्या हुआ बैल तो हैं .........



दो विवाहित युवतियां आपस में बतिया रही थीं ।


पहली - बहना, ये ज़िन्दगी भी ना.............अजीब पहेली है

इसका हल ही नहीं मिलता ।

दूसरी - अरी प्यारी , तू चिन्ता क्यों करती है ?

हल नहीं मिलता तो क्या हुआ ....

हमारे पास बैल तो हैं ............हा हा हा हा हा हा हा


Sunday, November 8, 2009

उस रात वो बाथरूम में जा कर रोई थी, इस बार मैं रोया..


रंग
लाल जी अपनी रंगीन मिज़ाज़ी के लिए दूर-दूर तक मशहूर हैं

पिछले दिनों उनकी शादी की रजत जयंती थी

रंगलाल जी पूरे मूड में थेउन्होंने ज़बरदस्त तरीके से यह मौका

सेलिब्रेट कियावे अपनी पत्नी को लेकर महाबलेश्वर के उसी होटल

के, उसी कमरे में, उसी पलंग पर, उसी पनवाड़ी का पान खा कर और

उतना ही दूध पी कर, उसी पुराने अन्दाज़ में पहुंचे.........जो उनकी

स्मृति में ठीक 25 साल पहले अंकित हुआ था


जब उतने ही दिन बाद लौटे तो मैंने पूछा - कैसी रही नई सुहागरात

और कैसा रहा नया हनीमून ?


बोले - बहुत मस्त ! एकदम झकास ! सबकुछ वैसा ही था...25 साल

पहले जैसा.... बस एक ही अन्तर आया ..................

उस रात मेरी पत्नी की आँखों में आँसू गए थे और इस बार

मेरी आँखों में.........उस रात वो बाथरूम में जा कर रोई थी,

इस बार मैं रोया...... हा हा हा हा हा




कार्टूनिस्ट इरफ़ान भाई की डीप थिंकिंग.........



कुछ भी कहो....


अपने कार्टूनिस्ट इरफ़ान भाई की सोच बहुत गहरी है ।

एक दिन मैंने देखा

इरफ़ान भाई 40 फीट गहरा गड्ढा खुदवा के उसमे बैठे थे।

मैंने पूछा - क्या कर रहे हो ?

वे बोले - डीप थिंकिंग .........हा हा हा हा हा हा


शराबी पति ने दिया सही जवाब....



पत्नी
अपने पति की

शराबखोरी
से बहुत परेशान थी

एक दिन अकड़ गई.................

पत्नी - जो तुम आज भी दारु पियोगे ...

तो
मुझे मरना पड़ेगा !


पति - ये ले......पी ली....

अब तुम्हें वचन पूरा करना पड़ेगा

__________हा हा हा हा हा हा हा

Friday, November 6, 2009

जी हाँ ! हम जी रहे हैं एक funny मुल्क में..............



बधाई
हो !



हम जी रहे हैं एक funny मुल्क में

जहाँ पिज़्ज़ा हमेशा समय पर पहुँचता है , लेकिन पुलिस ,

एम्ब्युलेंस और फायर ब्रिगेड हमेशा लेट होते हैं



हम जी रहे हैं एक funny मुल्क में

जहाँ कार लोन 5% पर मिल जाता है , लेकिन एज्युकेशन लोन 12%

और होम लोन 9% पर लेना पड़ता है



हम जी रहे हैं एक funny मुल्क में

जब चार लोग तभी एक साथ शान्ति से बैठते हैं जब पाँचवां मर जाए



हम जी रहे हैं एक funny मुल्क में

जहाँ आपसी मार पीट करने वालों को जेल जाना पड़ता है और

कत्लेआम करने वाले राज करते हैं



हम जी रहे हैं एक funny मुल्क में
जहाँ सालों की कड़ी मेहनत के बाद डिग्रियां पाने वाले सन्त्री की नौकरी

के लिए मारे-मारे फिरते हैं और अंगूठा छाप मुख्य मन्त्री बन जाते हैं


___________शर्म नाक

___________दुखद

___________लेकिन सत्य .............


- अलबेला खत्री

Thursday, November 5, 2009

जब के के नायकर ने हँसा हँसा कर लोट पोट कर दिया पुरोधा पत्रकार प्रभाष जोशी को



पत्रकारिता
के पुरोधा और योद्धा पुरूष प्रभाष जोशी स्वभावतः जितने

संजीदा थे, उतने ही विनोद प्रेमी भी थेमैंने उन्हें लेखनी से आग

उगलते भी देखा है और हँसते हँसते लोट पोट होते हुए भी


कोई तीन साल पहले, खबरिया चैनल ndtv india ने 13 एपिसोड का

एक हास्य धारावाहिक बनाया था "सबसे पोलिटिकली इनकरेक्ट

कौन ?" उसके दसवें एपिसोड में प्रभाषजी आए थे निर्णायक के

रूप मेंकलाकारों में मैं था, दिल्ली के प्रदीप पल्लवी थे, कानपुर के

प्रिंस थे और साथ ही मुख्य रूप से थे भारत में स्टैण्ड अप कॉमेडी के

जनक जबलपुर निवासी के.के.नायकर जिन्हें देखते ही प्रभाषजी

बाग़-बाग़ हो गए थेक्योंकि अनेक दशकों पहले वे उनकी कला का

आनन्द ले चुके थेयहाँ तक कि "चाट का ठेला" तो उनको पूरी की

पूरी याद थी


फ़िर क्या थाहमें तो उन्होंने सराहा लेकिन जैसे ही के के नायकर

ने अपने जलवे दिखाए, प्रभाषजी हँसते हँसते लोट पोट हो गए थे

और इतने बढ़िया अंक उन्होंने हमें दिए थे जितने मनु अभिषेक

संघवी, साहिब सिंह वर्मा, अजय जाडेजा, सुधीर तैलंग, अमर सिंह,

विनोद दुआ, कीर्ति आज़ाद, मुख्तार अब्बास नक़वी देबांग इत्यादि

ने नहीं दिए थे


उनके खिलखिलाते मुख मण्डल की आभा आज भी भली-भान्ति याद है

काश ! वे और हँसते-मुस्कुराते ! काश ! वे शतक लगा जाते...............

........लेकिन ईश्वर के आगे किसकी चली है.............उनका निधन हमें

गहरी वेदना दे गया है. दिवंगत आत्मा की सदगति के लिए प्रभु से

प्रार्थना और विनम्र आदरांजलि .. शान्ति शान्ति शान्ति !


-अलबेला खत्री

हास्य कवि अलबेला खत्री का नया साहित्यिक ब्लॉग



प्यारे
साथियो !

काव्य प्रेमियों के एक विशेष वर्ग जिसे केवल साहित्यिक रचनाओं में ही

रुचि है, का सम्मान करते हुए आज से मैंने अपना नया ब्लॉग आरम्भ

कर दिया है जिस पर आप मेरी साहित्यिक कविताओं का पठन कर

सकेंगे


चूँकि मेरे अन्य 5 ब्लॉग्स पर हर प्रकार की रचनाओं की भरमार रहती

है इसलिए इस ब्लॉग पर आप केवल वही पायेंगे जो मेरा श्रेष्ठतम सृजन

है


बहुत सोच-विचार के उपरान्त इस ब्लॉग का शीर्षक महान साहित्यकार

स्वर्गीय डॉ धर्मवीर भारती के आवास की तर्ज़ पर साहित्य सहवास

रखा गया हैआशा है मेरा यह प्रयास आपको आनन्द देगा और

मुझे काव्य -क्षेत्र में सही पहचान


ब्लॉग का लिंक यह है :

http://albela-khatri.blogspot.com/


http://albela-khatri.blogspot.com/


आपका इन्तेज़ार रहेगा

-अलबेला खत्री

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